दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने हिंसा प्रभावित इलाकों में 9 शिविर बनाए हैं। दंगा प्रभावित लोगों के बीच सरकार भोजन बांट रही है। जिन लोगों का घर हिंसा में पूरी तरह से जल गया है, उन्हें फौरी राहत के तौर पर 25 हजार रु.नकद दिए जा रहे हैं। सरकार हिंसा प्रभावितों लोगों की जल्द से जल्द मदद करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए सरकार ने 18 मजिस्ट्रेट और 4 नाइट मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की है।
वहीं, कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर हिंसा प्रभावित इलाकों में शांति सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है। इसके राष्ट्रपति से भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।
नेताओं ने राष्ट्रपति से मिलने का समय भी मांगा
चिट्ठी लिखने वालों में एनसीपी, सीपीएम, सीपीआई, राजद, द्रमुक और आम आदमी पार्टी के नेता शामिल हैं। नेताओं ने दिल्ली हिंसा पर चर्चा के लिए राष्ट्रपति से मिलने का समय भी मांगा है। चिट्ठी में लिखा गया है कि दिल्ली के उपराज्यपाल समेत सीधे आपको रिपोर्ट करने वाले सभी जवाबदेह अधिकारियों को दिल्ली में शांति बहाल करने का निर्देश दें। इससे पहले कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात की थी।
शनिवार को सरकारी स्कूल खुलेंगे
हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी स्कूल शनिवार को खुलेंगे। हालांकि, कक्षाएं नहीं लगेंगी। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि स्कूल खुलने के बाद प्रिंसिपल और सभी कर्मचारी बैठक करेंगे। इसमें मौजूदा हालात की समीक्षा की जाएगी। बैठक में बोर्ड परीक्षा और स्कूल की वार्षिक परीक्षा के लिए सही माहौल बनाने पर चर्चा होगी। सभी स्कूल के प्राचार्यों को परीक्षा की मौजूदा तैयारियों और कक्षाएं फिर से शुरू करने को लेकर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।